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मंगलवार, 20 जुलाई 2021

हाथ देखने की विधि (हाथ की महीन रेखाएं अदृश्य सी हो जाती है।)

 नमस्कार दोस्तों ...


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हाथ देखने की विधि:


हाथ की महीन रेखाएं अदृश्य सी हो जाती है। ऐसी स्थिति आने पर सूक्ष्मदर्शी यंत्र का प्रयोग अवश्य ही करना चाहिए।

1. हाथ दिखाने से पूर्व हाथ दिखाने वाला पृच्छक स्नान किया हुआ हो। नींद से उठा हुआ, गन्दा या आलस्य से भरा हुआ शरीर, वातावरण को बोझिल बना देता है और इससे भविष्य कथन में बाधा आती है।

2. अत्यधिक भोजन करने के बाद या व्यायाम करने के बाद भी हाथ नहीं दिखाना चाहिए। लगातार कार्य करते-करते एकदम से उठकर भी हाथ दिखाना ज्यादा उचित एवं अनुकूल नहीं कहा जा सकता।

3. अत्यधिक गर्मी में या अत्यधिक सर्दी में भी हाथ नहीं दिखाना चाहिए, क्योंकि ज्यादा गर्मी पड़ने से हथेली जरूरत से ज्यादा लाल रहती है और उससे उसका वास्तविक रंग अनुभव नहीं होता।

4. शराब पीया हुआ, नशा किया हुआ या असहजावस्था में भी हस्तरेखा विशेषज्ञ के पास नहीं जाना चाहिए।

6.जहां हाथ दिखाने वाले के लिए कुछ नियम आवश्यक हैं, उसी प्रकार हाथ देखने वाले के लिए भी नीचे लिखे कुछ नियमों का पालन आवश्यक है:

7. जिस समय क्रोध की अवस्था हो या किसी वजह से परेशानी हो उस समय हाम नहीं देखना चाहिए। यदि कोई हाथ दिखाने के लिए आ ही जाए तो नम्रता पूर्वक उ मना कर देना चाहिए।

8. हाथ देखते ही उसके सम्बन्ध में अच्छी या बरी बात अथवा भविष्यफल स्प नहीं कर देना चाहिए। इससे कई प्रकार की समस्याएं पैदा हो जाती हैं। उदाहरणार्थ य किसी की मृत्यु एक महीने बाद ही दिखाई देती हो तो यह बात अप्रत्याशित रूपा सामने वाले को कह देना किसी प्रकार से अनुकूल नहीं है।

9. सामने वाले व्यक्ति के प्रति तटस्थ भाव रखकर के ही हाथ देखना चाहि अत्यधिक प्रिय या शत्रु होने पर हाथ देखने वाला तटस्थ नहीं रह पाता और इससे उ फल कथन में अस्वाभाविकता आ जाती है।

10. हाथ देखकर जब पूरी तरह से सन्तुष्ट हो जाए और दूसरे हाथ से भी

प्रामाणिकता स्पष्ट हो जाए तभी उसको फल कथन करना चाहिए।

आपका धन्यवाद मेरे ब्लॉग को पढ़ने के लिएli


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